आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले की सड़कों पर बेलगाम दौड़ती रफ्तार और आए दिन होने वाले दर्दनाक हादसों पर ब्रेक लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन परिसर से ‘यातायात माह नवंबर-2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के कड़े निर्देशों के तहत शुरू हुआ यह विशेष अभियान पूरे 30 नवंबर तक चलेगा, जिसका मुख्य मकसद हादसों में कमी लाना और आम जनता को यातायात नियमों के प्रति संजीदा बनाना है।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान एएसपी यातायात पंकज श्रीवास्तव ने जनपदवासियों से सीधे संवाद करते हुए नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क पर चलते समय सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। दोपहिया वाहन पर हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। इसके अलावा निर्धारित गति सीमा से तेज वाहन चलाने, दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने (ट्रिपल राइडिंग), ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने और खतरनाक ओवरटेकिंग जैसी जानलेवा आदतों से दूर रहने की सख्त ताकीद की गई है।
कार्यक्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO प्रवर्तन) अतुल यादव और क्षेत्राधिकारी यातायात किरण पाल सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि 1 नवंबर से 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में केवल जागरूकता रैलियां ही नहीं निकाली जाएंगी, बल्कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस और परिवहन विभाग का शिकंजा पूरी तरह कसेगा और चालान के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपको लगता है कि सिर्फ चालान काटने और अभियान चलाने से आजमगढ़ की सड़कों पर हादसे रुकेंगे, या चालकों की खुद की लापरवाही इसके लिए ज्यादा जिम्मेदार है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय जरूर दें!
