Sat, Nov 7, 2026 Updated 09:59 AM IST
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शिक्षक MLC चुनाव: आजमगढ़ के 23 बूथों पर कल डलेंगे वोट, पोलिंग पार्टियां रवाना; DM रविंद्र कुमार की कड़क चेतावनी- ‘लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई’

2 weeks पहले

आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। आगामी 23 अक्टूबर को आजमगढ़ के कुल 23 मतदान केंद्रों पर शिक्षक प्रतिनिधि के चुनाव के लिए मतदान होना है। इस पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए गुरुवार (22 अक्टूबर) को जिला निर्वाचन कार्यालय से सभी 23 पोलिंग पार्टियों को ईवीएम और निर्वाचन सामग्री के साथ रवाना कर दिया गया है।

रवानगी स्थल पर खुद जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार ने तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों से सीधी बातचीत की और व्यवस्थाओं को परखा। डीएम ने दो टूक लहजे में हिदायत दी कि चुनाव की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा, “निर्वाचन आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर मिली लापरवाही भारी पड़ेगी और संबंधित कर्मचारी पर सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

सामग्री का मिलान और समय प्रबंधन का सख्त आदेश
जिलाधिकारी ने सभी मतदान कर्मियों को निर्देश दिए कि रवानगी से पहले बैलेट पेपर और अन्य आवश्यक निर्वाचन सामग्रियों का पूरी सतर्कता के साथ मिलान कर लें। यदि किसी सामग्री में कोई विसंगति या कमी मिलती है, तो तुरंत उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर उसकी आपूर्ति कराएं। उन्होंने सभी पोलिंग पार्टियों को तय समय सीमा के भीतर अपने-अपने आवंटित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद
पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान जिला प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर डटे रहे। इस दौरान जॉइंट मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, एडीएम प्रशासन संजय चावला, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह और स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर इंजीनियर कुलभूषण सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन का दावा है कि जिले के सभी 23 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।

आपकी राय: शिक्षक एमएलसी चुनाव में इस बार आजमगढ़ के शिक्षकों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्या है—पुरानी पेंशन योजना, तदर्थ शिक्षकों का नियमन या कोई और समस्या? नीचे कमेंट करके अपनी राय जरूर दर्ज करें!

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