Sun, Nov 8, 2026 Updated 02:08 AM IST
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दिवाली से पहले आजमगढ़ स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल! कागजों में ‘अलर्ट मोड’, पर CHC में अब तक नहीं बने बर्न वार्ड

2 days पहले

आजमगढ़: रोशनी के पर्व दिवाली को लेकर जहां एक तरफ पूरे जिले में तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी तरफ आजमगढ़ का स्वास्थ्य महकमा सिर्फ कागजी ‘अलर्ट मोड’ का ढोल पीटता नजर आ रहा है। त्योहार के दौरान पटाखों या आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजामों के दावे तो बड़े-बड़े किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है।

जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में दिवाली से पहले अब तक कोई समर्पित बर्न वार्ड तैयार नहीं किया गया है। अहरौला सीएचसी का उदाहरण लें तो वहां किसी नए या सर्वसुविधायुक्त बर्न वार्ड का निर्माण करने के बजाय सामान्य इमरजेंसी वार्ड को ही बर्न वार्ड का टैग दे दिया गया है। कमोबेश यही हाल जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का भी है, जहां महज खानापूरी की गई है।

आशंका जताई जा रही है कि यदि त्योहार के दौरान कोई अप्रिय घटना या झुलसने का मामला सामने आता है, तो एक ही इमरजेंसी वार्ड में सामान्य और गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को एक साथ रखना संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, झुलसे हुए मरीजों के लिए जरूरी विशेष दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी डॉक्टरों और कर्मचारियों के स्तर पर स्थिति बहुत स्पष्ट नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग के इन अधूरे इंतजामों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या आपातकालीन वार्ड की पट्टिका बदलकर विभाग अपनी जिम्मेदारियों से इतिश्री कर रहा है? दिवाली जैसे संवेदनशील मौके पर इस तरह का ढीला रवैया मरीजों की जान जोखिम में डाल सकता है।

आजमगढ़ टाइम्स की जनता से अपील और सवाल:
क्या आपको लगता है कि त्योहारों के मौके पर सिर्फ इमरजेंसी वार्ड पर ‘बर्न वार्ड’ का बोर्ड टांग देना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है? अगर दिवाली पर कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? अपनी राय नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें!

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