Sun, Nov 8, 2026 Updated 07:02 PM IST
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ज़हरीली हवा का शिकार हुआ आजमगढ़! तरवां और मेंहनगर में पुआल के धुएं से घुट रहा मासूमों-बुजुर्गों का दम, प्रशासन बेबस?

3 hours पहले

आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले के तरवां और मेंहनगर इलाके में इन दिनों खेतों से उठते धुएं ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। धान की कटाई के बाद मशीनों से पिटाई का काम तो तेजी से निपटाया जा रहा है, लेकिन इसके बाद बचे पुआल और फसल के अवशेषों को खुलेआम खेतों में आग के हवाले किया जा रहा है। नतीजा यह है कि पूरे इलाके की आवोहवा जहरीली हो चुकी है और गांवों पर धुएं का साया मंडरा रहा है।

उचहुवां (मेंहनगर) सहित आसपास के गांवों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय निवासियों—करिया, सूरज, बलदेव, ढोना, बलबीर, राजेश यादव, विवेक सिंह और रामजनम यादव का कहना है कि सुबह और शाम के समय खेतों से निकलने वाला धुआं जहरीली धुंध में बदल जाता है। आलम यह है कि लोगों के लिए खुले में सांस लेना भी दूभर हो गया है। इस प्रदूषण का सबसे घातक असर सांस की बीमारियों से पीड़ित बुजुर्गों, छोटे बच्चों और मरीजों की सेहत पर पड़ रहा है।

इस मामले पर तरवां कृषि विभाग के प्रतिनिधि बलराम सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा गांवों में किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। दूसरी ओर, कृषि विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि खेतों में पुआल जलाने से वायु प्रदूषण तो बढ़ता ही है, साथ ही खेत की मिट्टी की उर्वरता (उपजाऊ क्षमता) और उसमें मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे जमीन को भारी नुकसान पहुंचता है।

बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने किसानों और ग्राम प्रधानों से पराली न जलाने की भावुक अपील की है। लोगों की मांग है कि किसान कृषि विभाग द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक और आधुनिक तरीकों को अपनाएं। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि गांवों में कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से जागरूकता अभियान चलाया जाए और आग लगाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए। नियमों के मुताबिक, यदि गांव में समस्या बढ़ती है तो ग्राम प्रधान सीधे तहसीलदार को लिखित सूचना देकर कानूनी कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।

आजमगढ़ की जनता से ‘आजमगढ़ टाइम्स’ का सवाल: क्या सिर्फ कागजी जागरूकता से खेतों की आग बुझेगी, या फिर पराली जलाने वालों और सुस्त अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें!

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