आज़मगढ़। उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण PET परीक्षा के लिए आज आज़मगढ़ के 30 केंद्रों पर अभ्यर्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। एक तरफ जहां युवाओं के भविष्य का सवाल है, वहीं दूसरी तरफ मौसम की मार ने उनकी चुनौतियों को दोगुना कर दिया है। रविवार सुबह से ही जनपद के परीक्षा केंद्रों पर गहमागहमी का माहौल है, लेकिन इस चमक-धमक के पीछे संघर्ष की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो व्यवस्था और किस्मत दोनों पर सवाल खड़े करती है।
स्टेशन पर रात और बारिश के बीच सफर: दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा किसी जंग से कम नहीं रही। शनिवार रात से ही आज़मगढ़ के बस स्टेशनों और रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों का जमावड़ा लग गया था। भीषण बारिश के कारण अभ्यर्थियों को खुले आसमान के नीचे या प्लेटफॉर्म पर ही रात काटनी पड़ी। कई अभ्यर्थी बस स्टैंड की बेंचों पर सोते दिखे तो कई अपनी किताबों के पन्ने पलटकर आखिरी तैयारी में जुटे रहे। आज सुबह जब परीक्षा के लिए निकलने का समय हुआ, तो झमाझम बारिश ने उनकी राह रोकनी चाही, लेकिन भविष्य की उम्मीदों के आगे मौसम बेबस नजर आया।
पुराना दर्द और नई मुसीबत: गौरतलब है कि इससे पहले 29 अक्टूबर को हुई परीक्षा के दौरान भी अभ्यर्थियों को कुदरत के कहर का सामना करना पड़ा था। उस दिन भी भारी बारिश के बीच छात्र भीगते हुए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे थे। गुरुवार देर रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने एक बार फिर बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए रुकने और परिवहन की बड़ी समस्या खड़ी कर दी है।
सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम: प्रशासन परीक्षा की शुचिता को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। जनपद में अग्रसेन शिवली इंटर कॉलेज समेत कुल 30 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। किसी भी प्रकार की धांधली या गड़बड़ी को रोकने के लिए एक हाईटेक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, जोनल और स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।
200 मीटर के दायरे में ‘नो एंट्री’ और धारा 163: सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिलाधिकारी ने जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके साथ ही, परीक्षा के दौरान केंद्रों के आसपास की फोटोस्टेट की दुकानें बंद रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन, पेजर या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: परीक्षाओं के दौरान अक्सर अभ्यर्थियों को भारी बारिश और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। क्या प्रशासन को ऐसे बड़े आयोजनों के समय परीक्षार्थियों के ठहरने के लिए विशेष इंतजाम नहीं करने चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
