आजमगढ़: जिले के विकास की नई इबारत लिखने के लिए अब जनगणना का बिगुल बज चुका है। ईशवरपुर पवनी (बुढ़नपुर) में आयोजित ‘माटीकला महोत्सव’ के भव्य उद्घाटन के दौरान प्रशासन ने जनता से जनगणना-2027 में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की है। विधान परिषद सदस्य और मुख्य विकास अधिकारी (अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी) ने मंच से साफ किया कि इस बार की जनगणना तकनीक और पारदर्शिता का बेजोड़ संगम होने वाली है।
प्रशासन द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया को दो महत्वपूर्ण चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा दी जाएगी। इसके तहत जिले के जागरूक नागरिक आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर घर बैठे अपनी और अपने परिवार की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे।
वहीं, जो लोग स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, उनके लिए दूसरे चरण की शुरुआत होगी। 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणकों (सरकारी कर्मचारी) की फौज घर-घर जाकर सर्वे करेगी। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रगणक आपसे कुल 40 सवाल पूछेंगे। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे इन सभी सवालों के 100% सटीक जवाब दें, क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य में जिले की सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों जैसी बुनियादी जरूरतों की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
इस पूरी मुहिम का मुख्य नारा “हमारी जनगणना, हमारा विकास!” रखा गया है। जिला प्रशासन का मानना है कि जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह जिले की तरक्की का आधार है। माटीकला महोत्सव के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और आम जन को यह संदेश दिया गया है कि सही जानकारी देना हर नागरिक का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है।
आजमगढ़ टाइम्स की राय: क्या आपको लगता है कि ऑनलाइन ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा से जनगणना के आंकड़ों में फर्जीवाड़ा रुकेगा और पारदर्शिता आएगी? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
