आजमगढ़। जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मेले में हुए मामूली विवाद के बाद एक 18 वर्षीय युवक को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी शरद यादव को मोजरापुर के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर की है। ककरहटा गांव निवासी इंद्रदेव यादव ने कोतवाली में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 18 वर्षीय बेटा निखिल यादव गांव के समीप लगे मेले में गया हुआ था। मेले के दौरान सौरभ यादव और अजीत यादव के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज हो रही थी। निखिल ने बीच-बचाव करते हुए मामला शांत करा दिया था, लेकिन यही बीच-बचाव हमलावरों को नागवार गुजरा और वे रंजिश रखने लगे।
आरोप है कि विवाद के बाद सौरभ यादव ने निखिल को फोन करके बातचीत के बहाने बुलाया। वहां से वापस लौटते वक्त रंजिश के तहत उस पर जानलेवा नीयत से फायर झोंक दिया गया। गोली निखिल की दाहिनी जांघ में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। परिजनों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
इस सनसनीखेज मामले में कोतवाली पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 560/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान घटना में मंचोभा गांव (थाना कोतवाली) निवासी स्व. वीरेंद्र यादव के 28 वर्षीय पुत्र शरद यादव की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने उसे नामजद करते हुए रविवार को मोजरापुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मुकदमे में BNS की धारा 3(5) की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
पाठकों से सवाल:
मेले और त्योहारों के दौरान युवाओं के बीच मामूली बातों पर गोलीबारी और हिंसा की बढ़ती घटनाएं क्या चिंता का विषय हैं? ऐसे आपराधिक तत्वों पर पुलिस की कार्रवाई को आप किस तरह देखते हैं? नीचे कमेंट सेक्शन में अपनी राय जरूर दें!
