आजमगढ़ के गांव वालों, अपनी आंखें खोलो सवाल पूछो! जिले की कई ग्राम पंचायतों में गरीबों और मजदूरों के जॉब कार्ड के नाम पर एक और बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है, जहाँ फर्जी तरीके से सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है!
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आजमगढ़ में वीबीजी-रामजी योजना के तहत जॉब कार्ड बनाने में बड़ा खेल हुआ है। 4 ब्लॉकों का कच्चा चिट्ठा सामने आया है।
जहां विकास खंड हरैया की ग्राम पंचायतों में जॉब कार्ड बनाने में खेल उजागर हुआ है। ग्राम पंचायत देवारा खास राजा में महेंद्र के नाम से जॉब कार्ड बना है। इसमें महेंद्र की उम्र 30 वर्ष दर्शाई गई है। इसमें एक वृद्ध की फोटो लगी है। ग्राम पंचायत की तरफ से इस जॉब कार्ड के खाते में 10150 रुपये का भुगतान भी किया गया ।
वहीं अजमतगढ़ ब्लॉक में बिना काम भुगतान कराने के बाद फर्जी जॉब कार्ड भी मिले हैं। अतरकच्छा ग्राम पंचायत में रितेश चौहान, हाफिज सउद, मिथिलेश, रामकवल, विवेक चौहान के जॉब कार्ड पर एक ही फोटो लगी है, जबकि सभी की उम्र में काफी अंतर दिखाया गया है। सभी के बैंक खाते में 13800-13800 रुपये का भुगतान किया गया है। कुमारी रंजू चौहान के नाम से बने जॉब कार्ड पर विवाहित महिला की फोटो चस्पा है।
विकास खंड जहानागंज की ग्राम पंचायत कुंजी में बिना फोटो के जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। किसी गिरधारी के नाम से जॉब कार्ड जारी किया गया है। इस जॉब कार्ड के बैंक खाते में 15900 रुपये का भुगतान किया गया है
विकास खंड सठियांव की ग्राम पंचायत गजहड़ा में संजय यादव के नाम से जॉब कार्ड जारी किया गया है। जॉब कार्ड में उम्र 31 वर्ष दिखाई गई है, जबकि फोटो किसी और व्यक्ति की है।
गरीबों के हक पर डाका डालने वाले इस गोरखधंधे की खबर सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है, और अब जिले भर में ऐसे सभी संदिग्ध जॉब कार्डों की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
क्या आपके गांव में भी किसी के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बनाकर पैसा निकाला जा रहा है? अपने गांव और ब्लॉक का नाम कमेंट में तुरंत बताएं! इस वीडियो को हर गांव के ग्रुप में शेयर करें, और ऐसी ही बेबाक खबरों के लिए आजमगढ़ टाइम्स को फॉलो जरूर करें!


