आजमगढ़ टाइम्स (डिजिटल डेस्क): जिले में जल स्रोतों और पोखर-तालाबों के संरक्षण के सरकारी दावों को ठेंगा दिखाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ क्षेत्र में कथित तौर पर एक कंदरा (प्राकृतिक जल मार्ग/गुफा) में पंपिंग सेट लगाकर पूरे पोखरे का पानी जबरन उलीचकर बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और इलाके में तरह-तरह की चर्चाएँ गर्म हैं।
जल संकट और मवेशियों पर मंडराया खतरा: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मनमाने रवैये के चलते इस कारनामे को अंजाम दिया गया है। लगातार कई घंटों तक पंपिंग सेट चलाकर पोखरे को खाली कर दिया गया, जिससे न केवल इलाके का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हुआ है, बल्कि बेजुबान मवेशियों और पशु-पक्षियों के सामने भी पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संरक्षण के नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई गई हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार: इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद अब क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले की त्वरित व निष्पक्ष जाँच करने की माँग की है। आरोप है कि सार्वजनिक संपत्ति और प्राकृतिक संसाधन को नुकसान पहुँचाने की नीयत से यह कदम उठाया गया है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कथित दोषियों पर क्या और कितनी सख्त कानूनी कार्रवाई करते हैं।
आपकी राय: आजमगढ़ में प्राकृतिक जल स्रोतों और पोखरों के साथ इस तरह की मनमानी पर क्या प्रशासन को तुरंत बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर दर्ज करें।
