आजमगढ़। शहर के महत्वपूर्ण रास्तों और शैक्षणिक संस्थानों की ओर जाने वाली सड़कों पर गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। ‘आजमगढ़ टाइम्स’ की पड़ताल में सामने आया है कि जालंधरी मोहल्ले से लेकर डीएवी कॉलेज तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर नगर पालिका की घोर लापरवाही देखने को मिल रही है। इस पूरे रास्ते में कहीं भी डस्टबिन (कूड़ादान) की व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते यह सड़क अब डंपिंग ग्राउंड में तब्दील होती जा रही है।
नारकीय हालात में राहगीर: डस्टबिन न होने के कारण स्थानीय निवासी और राहगीर सड़क किनारे ही कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। आलम यह है कि सड़क पर कचरे का अंबार लगा रहता है, जिससे उठने वाली भीषण बदबू ने राहगीरों और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी की वजह से पूरे इलाके में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
जेसीबी के भरोसे नगर पालिका: हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका प्रशासन कूड़ा निस्तारण के लिए कोई ठोस योजना बनाने के बजाय केवल ‘जुगाड़’ पर टिका है। जब सड़क पर कूड़ा हद से ज्यादा बढ़ जाता है, तब नगर पालिका की जेसीबी मशीन उसे हटाने के लिए भेजी जाती है। नागरिकों का कहना है कि यह केवल खानापूर्ति है; अगर रास्ते में जगह-जगह डस्टबिन रख दिए जाएं, तो सड़क पर कचरा फैलने की नौबत ही न आए।
जनता ने उठाई मांग: किशुनपुर (सदर) और आसपास के नागरिकों ने नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (EO) से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग पर तत्काल डस्टबिन लगाए जाएं और सफाई की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन गहरी नींद से जागता है या फिर जनता इसी तरह गंदगी के बीच रहने को मजबूर रहेगी।
पाठकों की राय: क्या आपको लगता है कि आजमगढ़ नगर पालिका केवल दिखावे के लिए सफाई अभियान चला रही है? आपके इलाके में सफाई की क्या स्थिति है? हमें कमेंट बॉक्स में बताएं।
