आजमगढ़। जिले के मेहनगर तहसील क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी ड्यूटी पर तैनात एक राजस्व कर्मी (लेखपाल) के साथ न केवल बदसलूकी की गई, बल्कि उनके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना ने सरकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है और निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कन्नौज जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र के नसरापुर निवासी राघवेन्द्र सिंह, जो वर्तमान में मेहनगर तहसील के सिसवां राजस्व मंडल में लेखपाल के पद पर तैनात हैं, 17 अक्टूबर 2026 को निर्वाचन सुपरवाइजर के रूप में बूथों का निरीक्षण कर रहे थे। बताया जा रहा है कि जब वह प्राथमिक विद्यालय जियासड़ स्थित भाग संख्या 152 पर पहुंचे और वहां तैनात बीएलओ आशा सिंह (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) से चुनावी कार्यों को लेकर बातचीत कर रहे थे, तभी यह पूरा विवाद शुरू हुआ।आरोप है कि, उसी दौरान आशा सिंह का पुत्र संतोष सिंह (पुत्र चंद्रभान सिंह, निवासी जियासड़) मौके पर आ धमका। आरोप के मुताबिक संतोष ने बिना किसी ठोस कारण के लेखपाल राघवेन्द्र सिंह के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते उनके साथ मारपीट पर उतारू हो गया। पीड़ित लेखपाल का दावा है कि आरोपी ने उन्हें सरेआम जान से मारने की धमकी भी दी और निर्वाचन जैसे अति-महत्वपूर्ण सरकारी कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न की।घटना के वक्त मौके पर मौजूद राजस्व निरीक्षक गोपालपुर और विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने किसी तरह बीच-बचाव कर लेखपाल को आरोपी के चंगुल से बचाया। इस हिंसक व्यवहार को लेकर स्थानीय राजस्व कर्मियों में गहरा रोष व्याप्त है।मामले की गंभीरता को देखते हुए, लेखपाल राघवेन्द्र सिंह ने 19 अक्टूबर 2026 को मेहनगर थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी संतोष सिंह के खिलाफ सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और निर्वाचन कार्य में बाधा डालने की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गहन छानबीन की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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