आजमगढ़। जनपद के गंभीरपुर इलाके में गुरुवार की शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकता का अनूठा उदाहरण पेश किया। महेशपुर लालगंज खंड के तत्वावधान में आयोजित इस पथ संचलन में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश (यूनिफॉर्म) में नजर आए, जिनकी कदमताल ने पूरे क्षेत्र में संगठन की शक्ति का अहसास कराया।
राजराम स्मारक इंटर कॉलेज से हुआ शंखनाद: यह भव्य पथ संचलन स्थानीय राजाराम स्मारक इंटर कॉलेज से शुरू हुआ। अनुशासित ढंग से कतारबद्ध होकर निकले स्वयंसेवकों का कारवां कस्बे के विभिन्न मार्गों से होता हुआ शाम ठीक 6 बजे वापस उसी स्थान पर संपन्न हुआ। संचलन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया था।
फूलों से हुआ स्वागत: जैसे ही स्वयंसेवकों का जत्था सड़कों पर निकला, स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। भारत माता के जयकारों और संघ के घोष की गूंज के बीच स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति- दीनानाथ: कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और विभाग प्रचारक दीनानाथ ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ की स्थापना और इसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह समय शक्ति की उपासना का है। भगवान श्री राम का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने वनवासी समाज को संगठित कर अधर्म पर विजय प्राप्त की थी। दीनानाथ ने जोर देकर कहा कि हिंदू समाज का जागृत और संगठित होना राष्ट्र की उन्नति के लिए अनिवार्य है।
सामाजिक समरसता पर जोर: वक्ताओं ने स्वयंसेवकों से समाज में आपसी भेदभाव मिटाकर समरसता लाने और संगठन की भावना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम के दौरान कार्तिक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय स्वयंसेवक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आजमगढ़ टाइम्स की राय: सामाजिक एकता और अनुशासन के लिए किए जाने वाले ऐसे आयोजनों को आप किस नजरिए से देखते हैं? क्या आपको लगता है कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में समरसता बढ़ती है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
