आजमगढ़। जनपद की माटी और यहाँ के अखाड़ों की धमक एक बार फिर कप्तानगंज क्षेत्र में देखने को मिली। सगड़ी तहसील के नौ० दे० जदीद किता स्थित बलई साधू के अखाड़े में ‘स्वर्गीय सहदेव महाप्रधान कुश्ती दंगल’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के नामचीन पहलवानों ने दांव-पेंच दिखाए।
इस दंगल में मुख्य अतिथि के रूप में गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक नफीस अहमद ने शिरकत की। विधायक ने अखाड़े में उतरकर पहलवानों का हाथ मिलवाया और उनका उत्साहवर्धन किया। पहलवानों से रूबरू होते हुए उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और खेल के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
‘कुश्ती हमारी सांस्कृतिक विरासत’
सभा को संबोधित करते हुए विधायक नफीस अहमद ने कहा कि कुश्ती केवल एक खेल नहीं, बल्कि हमारी पारंपरिक विरासत और ग्रामीण संस्कृति की असली पहचान है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अगर स्थानीय पहलवानों को उचित मंच, आधुनिक सुविधाएं और सही प्रोत्साहन मिले, तो वे न केवल जिले का, बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं।
आयोजन समिति का जताया आभार
विधायक ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, मेहनत और खेल भावना का विकास होता है। कार्यक्रम के समापन पर नफीस अहमद ने शानदार आयोजन के लिए बलई पहलवान, अखाड़े के समस्त खिलाड़ियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
आजमगढ़ टाइम्स की राय: क्या आपको लगता है कि ग्रामीण अंचलों के पहलवानों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को गांवों में आधुनिक जिम और बेहतर डाइट की सुविधा देनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
