आजमगढ़। जनपद के मेहनगर तहसील क्षेत्र में मौसम के अचानक बदले मिजाज और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अन्नदाताओं पर आफत ला दी है। बीते 29 अक्टूबर से दिन-रात रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश और हवाओं के कारण खेतों में तैयार खड़ी धान सहित अन्य नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पानी के तेज बहाव और हवा के थपेड़ों से पकी हुई धान की फसलें जमीन पर बिछ गई हैं और खेतों में जलभराव के चलते डूबने की कगार पर हैं।
तहसील क्षेत्र से मिल रही जानकारी के अनुसार, रायपुर पट्टी, मानपुर, घीनाहापुर, सिंहपुर, फिनीहिनी और मौलिया सहित आसपास के दर्जनों गांवों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। यहां धान के अलावा हाल ही में बोई गई आलू, सरसों, मटर और लहसुन की अगेती फसलों पर भी इस बारिश का सीधा असर पड़ा है। कई किसानों ने कटाई के बाद धान की फसल खेतों में ही छोड़ रखी थी, जो अचानक हुई बारिश में पूरी तरह भीग चुकी है, जिससे फसल के सड़ने की आशंका बढ़ गई है।
रायपुर पट्टी गांव के पीड़ित किसान कुशर राम ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनकी करीब दो बीघा पकी धान की फसल तेज हवा और पानी के कारण पूरी तरह से खेत में गिर गई है। क्षेत्र के किसानों का साफ कहना है कि इस अप्रत्याशित बारिश ने उनके सालभर के खर्च और मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपके गांव या क्षेत्र में भी इस बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है? क्या शासन-प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए? अपनी राय और क्षेत्र का हाल नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
