आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स): जनपद की जीवनदायिनी और पौराणिक पहचान “तमसा नदी” के अस्तित्व को बचाने के लिए अब जन-आंदोलन का आगाज हो चुका है। तमसा को प्रदूषण मुक्त बनाने और इसके जल को पुनः निर्मल करने के उद्देश्य से पवित्र दुर्वासा धाम से एक विशाल जनजागरण अभियान की शुरुआत की गई है।
इस अभियान के जरिए स्थानीय निवासियों, प्रबुद्ध वर्ग और पर्यावरण प्रेमियों को एकजुट किया जा रहा है। कथित तौर पर पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ रहे गंदगी के प्रकोप, कचरा डंपिंग और अनदेखी के कारण तमसा नदी के अस्तित्व पर गहरा संकट मंडरा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए दुर्वासा धाम से इस पवित्र मुहिम का शंखनाद किया गया है, ताकि लोग खुद आगे आकर नदी को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी समझें।
आयोजकों के मुताबिक, यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि तमसा के तटीय इलाकों और गांवों तक पहुंचने वाला एक दीर्घकालिक जन-आंदोलन बनेगा। इसमें लोगों को नदी में प्लास्टिक, पूजा सामग्री या दूषित अवशेष न बहाने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
पाठकों से सवाल: तमसा नदी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को क्या सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी बेबाक राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
