आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले की तहसील बार एसोसिएशन मेंहनगर के वार्षिक चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। शुक्रवार को हुए इस चुनाव में बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां अध्यक्ष पद पर अनिल वर्मा ने महज 1 वोट के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही अनिल वर्मा ने तीसरी बार मेंहनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की कमान संभाली है।
तहसील परिसर में शुक्रवार की सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। चुनाव में कुल 79 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दोपहर 2:00 बजे से मतगणना शुरू होते ही बार एसोसिएशन परिसर में चुनावी सरगर्मी और उत्साह चरम पर पहुंच गया।
अध्यक्ष पद का मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। विजयी प्रत्याशी अनिल वर्मा को कुल 33 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी वीरेंद्र पाण्डेय 32 वोटों पर ही रुक गए। वहीं तीसरे प्रत्याशी रवींद्र सिंह को 14 वोट हासिल हुए। महज 1 वोट के बारीक अंतर से अनिल वर्मा ने जीत का परचम लहरा दिया।
दूसरी ओर, मंत्री पद पर रामदरश राम ने एकतरफा जीत दर्ज की। उन्हें कुल 50 मत मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहे रमेश राम को 15 और अभिषेक सिंह को 14 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। रामदरश राम ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी को 35 वोटों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। वहीं, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर महेंद्र केशवानी ने परचम लहराया, जिन्हें 61 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी रामकुमार राम को मात्र 18 वोट मिले। महेंद्र केशवानी 43 मतों के भारी अंतर से विजयी घोषित किए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी तेजप्रताप सिंह और सहायक निर्वाचन अधिकारियों अजय कुमार व शिवानंद सिंह की देखरेख में चुनाव परिणाम जारी किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर महेश कुमार यादव, सहमंत्री (प्रशासन) पद पर पवन कुमार सिंह, सहमंत्री (पुस्तकालय) पद पर राजू विश्वकर्मा उर्फ राजीव कुमार विश्वकर्मा और कोषाध्यक्ष पद पर शिवानंद यादव निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा छह कार्यकारिणी सदस्य पदों पर शोभनाथ यादव, हरिवंश यादव, विनोद कुमार चतुर्थ, सूर्यजीत यादव, श्याम कन्हई प्रसाद और वीरेंद्र कुमार का भी निर्विरोध चयन हुआ है।
आजमगढ़ की जनता और अधिवक्ताओं से हमारा सवाल: महज 1 वोट से हार-जीत के इस बेहद रोमांचक चुनावी फैसले को आप किस तरह देखते हैं? क्या मेंहनगर बार एसोसिएशन की यह नई कार्यकारिणी अधिवक्ताओं के हितों के लिए नई मिसाल कायम कर पाएगी? अपनी राय नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें।
