आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। दीपावली के पावन त्योहार से ठीक पहले आजमगढ़ में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर प्रशासन का चाबुक चलना शुरू हो गया है। त्योहारों के मौसम में बाजारों में खपने वाली संदिग्ध और दूषित खाद्य सामग्रियों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पूरे जिले में बड़ा छापेमारी अभियान छेड़ दिया है। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से मिलावटखोरों और बदइंतजामी के बीच दुकानें चला रहे कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
विभागीय सचल दल की टीम ने जिले के कई प्रमुख बाजारों में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान टीम ने लालगंज से पनीर, खरिहानी से खोया, मेंहनगर से खोया, मड़या कंधरापुर से पेड़ा, तथा परशुरामपुर से खोया और छेना मिठाई का एक-एक नमूना (कुल 6 नमूने) सील कर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया है। इसके अलावा स्वच्छता के मानकों की अनदेखी करने पर एक मिठाई कारोबारी को अपने प्रतिष्ठान में सुधार करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
32 हजार रुपये की 140 किलो दूषित सामग्री मौके पर नष्ट
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब मिठाइयों और खोए की गुणवत्ता की जांच की, तो कई जगह खाद्य सामग्री बेहद दूषित और संदिग्ध पाई गई। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टीम ने मौके पर ही 140 किलोग्राम दूषित खाद्य सामग्री को नष्ट करवा दिया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये बताई जा रही है। नष्ट कराई गई सामग्रियों में 7,500 रुपये मूल्य का 25 किलोग्राम खोया, 19,500 रुपये कीमत का 95 किलोग्राम बूंदी का लड्डू और 5,000 रुपये मूल्य की 20 किलोग्राम कलाकंद मिठाई शामिल है।
अब तक लिए जा चुके हैं 27 नमूने, सचल प्रयोगशाला से जागरूकता भी जारी
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, आगामी त्योहारों के मद्देनजर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में अब तक जिले भर से कुल 27 खाद्य पदार्थों के नमूने संगृहीत कर जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर, तहसील लालगंज क्षेत्र में खाद्य सचल प्रयोगशाला के माध्यम से खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीत कुमार सिंह ने कारोबारियों और आम जनता को खाद्य पदार्थों की शुद्धता पहचानने के तरीके बताए और मिलावटखोरी के खिलाफ जागरूक किया।
मामले की जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त (खाद्य)-II सुशील कुमार मिश्र ने दो टूक शब्दों में कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान दीपावली और आगामी त्योहारों तक बिना रुके लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और सिर्फ शुद्ध सामान ही बेचें, अन्यथा पकड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपको लगता है कि सिर्फ त्योहारों के समय छापेमारी करने से मिलावटखोरी पर लगाम लग पाएगी, या फिर ऐसे दुकानदारों के खिलाफ पूरे साल सख्त अभियान और जेल भेजने जैसी कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें!
