आजमगढ़ (अतरौलिया): शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर कस्बे में आयोजित तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले के अंतिम दिन आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमाओं के दर्शन और पूजन के लिए अतरौलिया की सड़कों पर देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल बनी रही। भक्तिमय माहौल में पूरा नगर मां भवानी के जयकारों से गुंजायमान रहा।
इस वर्ष नगर में दो दर्जन से अधिक प्रमुख स्थानों पर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। पूजा पंडालों को आकर्षक बिजली की रंग-बिरंगी झालरों और भव्य द्वारों से सजाया गया था, जहां पहुंचे भक्तों ने मत्था टेककर सुख-समृद्धि की मन्नतें मांगीं। मेले की रौनक बढ़ाने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत सिंह भी अतरौलिया पहुंचे। उन्होंने पंडालों में दर्शन-पूजन किया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की।
शाम ढलते ही मेले का आकर्षण चरम पर पहुंच गया। महिलाओं ने मेले में लगे स्टॉलों से घरेलू सामान और सौंदर्य प्रसाधनों की जमकर खरीदारी की, तो वहीं बच्चों और युवाओं ने विशाल झूलों और मनोरंजन के विभिन्न साधनों का भरपूर आनंद लिया। कस्बे के मुख्य चौराहों और चौक-चौराहों पर देर रात तक लोगों की आवाजाही लगी रही।
लाखों की भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। थानाध्यक्ष अश्विन कुमार दुबे की अगुवाई में मुख्य मार्गों, चौराहों और पूजा पंडालों के आसपास भारी पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस टीमों ने लगातार गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। हालांकि, मेले के दौरान कुछ कथित छिटपुट घटनाओं की सूचना जरूर रही, लेकिन पुलिस की त्वरित सतर्कता के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
तीन दिनों तक चले इस धार्मिक व सांस्कृतिक उत्सव के बाद अब बुधवार शाम को मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। प्रशासन ने विसर्जन यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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