आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक तरफ स्थानीय पुलिस शुरुआत में मामले में समझौते का खेल खेलती नजर आई, वहीं अब अदालत के कड़े रुख के बाद आरोपियों पर शिकंजा कसना तय हो गया है। एसीजेएम कोर्ट नंबर-10 की न्यायिक अधिकारी नीतिका राजन ने फूलपुर थाना प्रभारी को मुख्य आरोपी समेत चार लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के कड़े आदेश जारी किए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, पीड़िता फूलपुर थाना क्षेत्र के ही एक स्थानीय इंटर कॉलेज की छात्रा है। आरोप है कि उसी के कॉलेज में पढ़ने वाले आकाश सोनकर, सुनील यादव, बरनीत यादव और सनी गौतम नाम के दबंग युवक उसे काफी समय से परेशान और छेड़खानी कर रहे थे। पीड़िता का आरोप है कि जब 23 जुलाई 2026 को उसकी शादी कहीं और तय होने लगी, तो मुख्य आरोपी आकाश सोनकर ने उसके पिता और भाई को सरेआम जान से मारने की धमकी दी।
थानेदार की ‘लापरवाही’ पड़ी भारी!
पीड़िता के परिजनों ने इस धमकी की लिखित शिकायत तुरंत स्थानीय थाने में की थी। आरोप है कि उस वक्त पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बजाय दोनों पक्षों के बीच ‘समझौता’ कराकर मामले को रफा-दफा कर दिया। पुलिस की इसी ढिलाई का खामियाजा छात्रा को भुगतना पड़ा।
तमंचे के बल पर बाजरे के खेत में वारदात
अदालत में दाखिल प्रार्थनापत्र के मुताबिक, बीते 16 अगस्त 2026 को पीड़िता अपनी बहन के साथ पिता की दुकान से घर लौट रही थी। रास्ते में बूंदाबांदी होने लगी, जिससे बचने के लिए दोनों बहनें एक पेड़ के नीचे रुक गईं। आरोप है कि इसी दौरान घात लगाए बैठे आकाश सोनकर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे घेर लिया और कट्टे (तमंचे) के बल पर पास के बाजरे के खेत में घसीट ले गया। वहां मुख्य आरोपी ने छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, जबकि अन्य आरोपी इस अपराध में उसका साथ देते रहे।
अदालत के आदेश से हड़कंप
स्थानीय पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने अपने अधिवक्ता विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह के माध्यम से न्याय की गुहार अदालत में लगाई। मामले के संगीन तथ्यों और पुलिसिया लापरवाही को देखते हुए एसीजेएम कोर्ट ने फूलपुर पुलिस को सभी चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर त्वरित कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है।
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