आजमगढ़ (अनंतपुरा): एक तरफ जहां स्वच्छता अभियानों के लंबे-चौड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ाती दिख रही है। आजमगढ़ के अनंतपुरा (गुरु टोला) स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर को जाने वाले मुख्य मार्ग पर बहता खुला और बज बजाता नाला अब स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के लिए जी का जंजाल बन चुका है।
आजमगढ़ टाइम्स की पड़ताल के मुताबिक, इस मंदिर मार्ग से रोजाना सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए गुजरते हैं। लेकिन नाले में जमा जहरीले गंदे पानी, तैरती पॉलिथीन और कबाड़ के सड़ने से उठती तीखी बदबू ने लोगों का चलना-फिरना दूभर कर दिया है। आलम यह है कि नाले की स्लैब भी जगह-जगह से जर्जर और टूटी हुई है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की गंभीर आशंका बनी हुई है। नाले के ठीक बगल में छोटे-छोटे मासूम बच्चे खेलते हैं, जिससे इलाके में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सता रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस विकराल होती जनसमस्या की बाबत नगर पालिका प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन जिम्मेदार महकमा कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। शिकायतों के बावजूद अब तक सफाई न होने से श्रद्धालुओं और इलाकाई लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है। लोगों ने चेतावनी भरे लहजे में नगर पालिका प्रशासन से तत्काल नाले की सफाई कराने और जर्जर स्लैब को बदलवाने की पुरजोर मांग की है।
आपकी राय हमारे लिए बेहद जरूरी है: क्या नगर पालिका की इस लापरवाही पर जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपने इलाके की ऐसी ही समस्याओं पर अपनी बात नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।
