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आजमगढ़ मंडल में सड़कों पर काल का तांडव! 640 मौतों के बाद एक्शन में कमिश्नर और DIG, ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर गिरी गाज

1 week पहले

आजमगढ़। आजमगढ़ मंडल में रफ्तार का कहर मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रहा है। वर्ष 2026 में हुए दर्दनाक सड़क हादसों में अब तक कुल 640 लोगों की असमय मौत हो चुकी है, जबकि 823 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस खौफनाक आंकड़े के सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर विवेक और डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने अफसरों की पेंच कसते हुए बेहद कड़े तेवर दिखाए हैं।

बैठक में जनहित की योजनाओं और सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए आरटीओ प्रवर्तन सुनील दत्त ने बताया कि अप्रैल 2026 से अब तक मंडल के तीनों जिलों (आजमगढ़, मऊ और बलिया) में नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहीं 646 स्कूली गाड़ियों का चालान किया गया है, जबकि 178 वाहनों को सीज (बंद) कराया जा चुका है। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना परमिट, बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ आगे और भी सख्त कार्रवाई की जाए।

सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए मंडल के तीनों जिलों में कुल 95 खूनी ब्लैक स्पॉट (Black Spots) चिह्नित किए गए हैं। इनमें आजमगढ़ में 38, मऊ में 24 और बलिया में 33 डेंजर जोन शामिल हैं, जहाँ सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही बरतने पर मंडलायुक्त और डीआईजी ने यूपीडा (UPEIDA) के अधिशासी अभियंता की क्लास लगाते हुए कड़ा असंतोष जताया और सतर्कता से काम करने की सख्त चेतावनी दी।

सड़क सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी चाबुक चला है। आगामी बोर्ड परीक्षा केंद्रों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए संयुक्त निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) और तीनों जिलों के डीआईओएस को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा आजमगढ़, मऊ और बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध रूप से चल रहे फर्जी अस्पतालों, क्लीनिकों, झोलाछाप डॉक्टरों और अनाधिकृत निजी एंबुलेंसों के खिलाफ अभियान चलाकर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाए।

आपकी राय: आजमगढ़ मंडल में लगातार हो रहे जानलेवा सड़क हादसों के लिए आप किसे सबसे बड़ा जिम्मेदार मानते हैं—सड़कों की बदहाली, ट्रैफिक पुलिस की ढिलाई या फिर खुद चालकों की लापरवाही? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय जरूर दर्ज करें।

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