आजमगढ़। जिले के रानी की सराय रेलवे हाल्ट के पास बुधवार को दो मासूम बच्चों समेत महिला की ट्रेन से कटकर हुई दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने कानूनी शिकंजा कस दिया है। मृतका के पिता की तहरीर पर तहबरपुर थाने की पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहबरपुर थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी खुशबू यादव ने बुधवार दोपहर रानी की सराय रेलवे हाल्ट पर अपने तीन वर्षीय पुत्र वैदिक और महज एक वर्षीय मासूम बेटे आदविक के साथ ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस के आगे कथित तौर पर छलांग लगा दी थी। ट्रेन की चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पति विपिन यादव ने तीनों शवों की शिनाख्त की थी।
इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद मृतका के पिता भीमा यादव (निवासी भवतर, थाना गंभीरपुर) ने तहबरपुर थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए ससुराल पक्ष के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पिता का आरोप है कि ससुराल वाले शादी के बाद से ही लगातार दहेज की मांग कर रहे थे और उनकी बेटी को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि ससुरालियों के इसी कथित उत्पीड़न से तंग आकर खुशबू अपने दो मासूम बच्चों के साथ यह आत्मघाती कदम उठाने को विवश हो गई।
तहबरपुर थाना पुलिस ने पिता की तहरीर के आधार पर पति विपिन यादव समेत ससुराल के अन्य परिजनों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए विवश करने की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पाठकों से सवाल: क्या सख्त कानूनों के बावजूद समाज में दहेज रूपी दानव आज भी मासूम जिंदगियों को निगल रहा है? इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज और प्रशासन को क्या कड़े कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।
