आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले में जघन्य अपराधों और वांटेड अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुबारकपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक नाबालिग किशोरी को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में लंबे समय से वांछित चल रही आरोपी महिला को गैर-जमानती वारंट (NBW) के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ने यह कार्रवाई उकरौरा पुलिया के पास घेराबंदी करके की।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीती 28 जून 2026 को सठियांव इलाके के एक ग्रामीण ने मुबारकपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी अचानक घर से गायब हो गई है। स्वजन ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मुकदमा अपराध संख्या 263/2026 दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की थी।
विवेचना के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि जीयनपुर थाना क्षेत्र के डिलियापार सबरुपुर की रहने वाली सरिता (पत्नी विजय प्रताप) का नाम किशोरी को बहला-फुसलाकर गायब करने की साजिश में सामने आया है। आरोपी महिला के लगातार फरार चलने पर माननीय अदालत की ओर से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के सख्त निर्देशों के अनुपालन में मुबारकपुर पुलिस टीम ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को मुस्तैदी दिखाते हुए उकरौरा पुलिया के समीप से वारंटी सरिता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी महिला को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
आजमगढ़ टाइम्स सवाल: क्षेत्र में नाबालिगों को बहला-फुसलाकर गायब करने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिसिया कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर किस तरह के कड़े कदम उठाए जाने चाहिए? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें!
