आजमगढ़। यूपी बोर्ड की आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और नकलविहीन कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में आजमगढ़ जिले से एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। बोर्ड के सख्त रुख और कड़े मानकों की अनदेखी करने वाले जिले के 8 विद्यालयों को इस बार परीक्षा केंद्र बनाने की सूची से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। शिक्षा विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से दागी विद्यालय प्रबंधकों में हड़कंप मच गया है।
विभाग से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत जिले के सभी संभावित परीक्षा केंद्रों का सत्यापन कराया गया था। जांच के दौरान आरोप है कि इन 8 विद्यालयों में बोर्ड द्वारा निर्धारित बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। इन सेंटरों पर सीसीटीवी कैमरे, वॉइस रिकॉर्डर, दोहरे लॉक वाली अलमीरा और बाउंड्री वॉल जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं अधूरी या मानक के विपरीत पाई गईं। इसके अलावा कुछ संस्थानों पर पूर्व की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं में संलिप्त रहने के भी आरोप रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि नकल माफिया और मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। जिन 8 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची से बेदखल किया गया है, वहां के परीक्षार्थियों को अब निकटतम और मानक पूरे करने वाले सरकारी या मान्यता प्राप्त सेंटरों पर समायोजित किया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा पर कोई असर न पड़े।
आजमगढ़ टाइम्स की जनता से राय: क्या आपको लगता है कि सिर्फ परीक्षा केंद्र न बनाना ही काफी है, या फिर मानकों से खिलवाड़ करने वाले ऐसे स्कूल प्रबंधनों पर और भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी बेबाक राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
