आजमगढ़। जिले की सड़कों पर आए दिन हो रहे हादसों पर लगाम लगाने और लोगों को जिंदगी की अहमियत समझाने के मकसद से रविवार, 1 नवंबर 2026 को “यातायात माह” का औपचारिक आगाज हो गया। रिजर्व पुलिस लाइन परिसर से एक विशाल जागरूकता रैली निकालकर आम जनता को सड़क सुरक्षा और नियमों के कड़े पालन के प्रति जागरूक किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आजमगढ़ को हादसों से मुक्त बनाना है। कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) यातायात पंकज श्रीवास्तव ने जिलेवासियों को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए अपील की कि वाहन चलाते समय लापरवाही बिल्कुल न बरतें। उन्होंने कहा कि “हेलमेट और सीट बेल्ट चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी सलामत रखने के लिए अनिवार्य रूप से लगाएं।”
यातायात विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेज रफ्तार में वाहन चलाने, दोपहिया पर तीन सवारी (ट्रिपल राइडिंग) बैठाने और गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल पर गिटपिट करने वालों पर अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। इसके अलावा, गलत तरीके से ओवरटेक करने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
30 नवंबर तक चलेगा ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान
यह विशेष अभियान पूरे महीने यानी 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान जहां एक तरफ स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे, वहीं दूसरी तरफ नियम तोड़ने वाले चालकों पर परिवहन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें सख्त कानूनी व चालान की कार्रवाई करेंगी। इस मौके पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO प्रवर्तन) अतुल यादव और क्षेत्राधिकारी (CO) यातायात किरण पाल सिंह सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
आजमगढ़ की जनता से सवाल: क्या आपको लगता है कि केवल “यातायात माह” मनाने से लोग सुधरेंगे, या फिर सड़क हादसों को रोकने के लिए पूरे 365 दिन ऐसा ही सख्त चेकिंग अभियान चलना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
