आजमगढ़। जिले के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन कायम करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। आजमगढ़ जिले के समस्त शिक्षकों को अब अपनी शैक्षणिक योग्यताओं, नियुक्ति पत्र और अपनी सेवा से जुड़ा पूरा ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराना होगा।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट करना और फर्जीवाड़े की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करना है। विभागीय निर्देशों में साफ कहा गया है कि सभी शिक्षक निर्धारित समय के भीतर अपना संपूर्ण ब्योरा जमा करें, ताकि सत्यापन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।
अधिकारियों का रुख इस मामले में बेहद सख्त नजर आ रहा है। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि कोई शिक्षक समय सीमा के अंदर अपनी जानकारी साझा करने में लापरवाही बरतता है या गलत दस्तावेज जमा करता है, तो उसके खिलाफ “नियमानुसार सख्त कार्रवाई” की जाएगी। इस आदेश के सामने आते ही जिले के शैक्षणिक हलकों में काफी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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