Sun, Nov 8, 2026 Updated 02:53 AM IST
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सावधान! आजमगढ़ के 200 स्कूलों पर प्रशासन की पैनी नजर, अब “डिजास्टर मैनेजमेंट” के बिना नहीं चलेगी मनमानी

3 days पहले

आजमगढ़। बच्चों की सुरक्षा के साथ अब कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आजमगढ़ प्रशासन ने जिले के शिक्षा जगत में हड़कंप मचाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, जिले के 200 विद्यालयों में अब आपदा से बचाव के पुख्ता इंतजाम करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन की इस सख्ती का सीधा मकसद किसी भी अनहोनी की स्थिति में मासूमों की जान बचाना और स्कूलों को सुरक्षित बनाना है।

आजमगढ़ टाइम्स की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि प्रशासन ने उन स्कूलों को चिन्हित किया है, जहाँ सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती जा रही थी। अब इन चुनिंदा 200 स्कूलों को आग, भूकंप या किसी भी अन्य प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदा से निपटने के लिए ट्रेनिंग, मॉक ड्रिल और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी। कथित तौर पर, कई स्कूलों में अब तक बुनियादी सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी पाई गई थी, जिसे देखते हुए विभाग ने अब कड़े रुख अख्तियार कर लिए हैं।

“सुरक्षा पहले, शिक्षा बाद में” के मंत्र के साथ अब इन विद्यालयों को प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का 100% पालन करना होगा। अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आपदा प्रबंधन के मानक पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें स्कूल की मान्यता रद्द करने जैसे कड़े कदम भी शामिल हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि शिक्षकों और छात्रों में भी आपदा के समय सूझबूझ से काम लेने की क्षमता विकसित होगी। प्रशासन की इस मुहिम से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि अब उनके बच्चे स्कूल परिसर के भीतर अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

क्या आपको लगता है कि आजमगढ़ के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में सुरक्षा के ऐसे कड़े नियम लागू होने चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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