आजमगढ़। डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच आजमगढ़ जिले के रौनापार थाने से राहत भरी खबर सामने आई है। रौनापार थाना पुलिस की साइबर टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक साइबर फ्रॉड पीड़ित के खाते में ठगी की रकम वापस कराई है। अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस प्रशासन का आभार जताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रौनापार थाना क्षेत्र के करखिया रुस्तम सराय गांव निवासी शाहआलम (पुत्र ईसा अहमद) के साथ 8 सितंबर 2025 को ₹3,300 की कथित साइबर ठगी हुई थी। साइबर अपराधियों का शिकार होने के बाद पीड़ित ने तुरंत सतर्कता दिखाई और 9 सितंबर 2025 को रौनापार थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए रौनापार थाने की साइबर टीम तत्काल हरकत में आई। पुलिस टीम ने संबंधित बैंकों से ई-मेल और बातचीत के जरिए त्वरित समन्वय स्थापित किया। पुलिस की इस तत्परता के चलते साइबर जालसाजों के विभिन्न बैंक खातों में फ्रॉड की राशि में से ₹3,000 को होल्ड (फ्रीज) करवा दिया गया। इसके बाद 28 अक्टूबर 2026 को MRM पोर्टल के जरिए होल्ड कराई गई रकम में से ₹2,000 सीधे पीड़ित शाहआलम के बैंक खाते में वापस करा दिए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी बची हुई होल्ड धनराशि भी पोर्टल पर अपडेट होते ही पीड़ित को वापस दिला दी जाएगी।
मामले में रौनापार थानाध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ने आमजन से अपील करते हुए कहा, “अगर आपके साथ किसी भी तरह का साइबर फ्रॉड होता है, तो बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या “राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल” पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।” इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों को सावधान करते हुए सलाह दी कि अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
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