आजमगढ़। आजमगढ़ के स्थानीय तंत्र की ढिलाई और कथित मनमानी का शिकार एक बार फिर गरीब और जरूरतमंद कार्डधारक बन रहे हैं। शहर के अनंतपुरा इलाके में राशन वितरण को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अक्टूबर महीने में ही ई-पॉस (PoS) मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद 5 नवंबर तक राशन का वितरण नहीं किया गया। राशन की दुकान पर लगातार ताला लटके रहने के कारण अनंतपुरा और सदावर्ती समेत आसपास के मोहल्लों के लोग रोज खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला स्वर्गीय त्रिभुवन यादव के नाम से आवंटित सहकारी सस्ते गल्ले की दुकान से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में इस दुकान की पूरी देखरेख उनके बेटे गुड्डू यादव कथित तौर पर करते हैं। कार्डधारकों का गंभीर आरोप है कि इस कोटे की दुकान पर पिछले कई महीनों से एक खेल चल रहा है—राशन देने से एक महीने पहले ही कार्डधारकों का अंगूठा लगवा लिया जाता है और उसके अगले महीने राशन बांटा जाता है।
कार्डधारकों का कहना है कि अक्टूबर महीने में ही अलग-अलग तारीखों पर अंगूठा लगवा लिया गया था, लेकिन 5 नवंबर तक राशन की दुकान बंद पड़ी रही। अनंतपुरा, सदावर्ती और दूसरे मोहल्लों के कार्डधारक जब भी राशन की उम्मीद में दुकान पहुंचते हैं, तो उन्हें बंद दरवाजा देखकर निराश होकर लौटना पड़ता है। इस पूरी धांधली और देरी से तंग आकर अब स्थानीय कार्डधारकों ने पूर्ति विभाग (Supply Department) के अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और समय पर राशन वितरण सुनिश्चित कराने की जोरदार मांग की है।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपके इलाके में भी राशन वितरण में ऐसी मनमानी या एडवांस अंगूठा लगवाने का खेल चल रहा है? क्या प्रशासन को ऐसे राशन डीलरों के खिलाफ तुरंत सख्त कदम नहीं उठाना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट करके जरूर बताएं!
