Sun, Nov 8, 2026 Updated 06:07 PM IST
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आजमगढ़ में दिवाली की भोर में गोलियों की तड़तड़ाहट: 7 जिलों में खौफ फैलाने वाला शातिर तस्कर मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली!

2 hours पहले

आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स): दिवाली की सुबह आजमगढ़ के सरायमीर क्षेत्र में पुलिस और बेखौफ पशु तस्करों के बीच तीखी मुठभेड़ हो गई। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में कथित तौर पर 22 मुकदमों के शातिर आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उसका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार बदमाश की पहचान दिलशाद उर्फ दिलशान के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से कथित तौर पर चोरी की तीन भैंस, एक बकरी, वारदात में इस्तेमाल फर्जी नंबर प्लेट लगी पिकअप, एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आजमगढ़, वाराणसी, जौनपुर, मऊ, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर और संतकबीरनगर सहित 7 जिलों में गोवध, गैंगस्टर एक्ट, लूट, डकैती और चोरी जैसी गंभीर धाराओं में कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं।

मामले की जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) फूलपुर भूपेश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में हो रही पशु चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में विशेष टीमें गठित की गई थीं। 7 और 8 नवंबर की मध्यरात्रि सरायमीर पुलिस गश्त और चेकिंग पर थी, तभी सूचना मिली कि तस्कर चोरी के मवेशियों को पिकअप में लादकर जौनपुर के मड़ियाहूं पशु बाजार ले जा रहे हैं।

नोनारी गांव के पास जब पुलिस ने घेराबंदी कर पिकअप रोकने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस बैरियर तोड़ दिया और वाहन तेजी से भगाने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो कौरागहनी नहर के पास घंगवल मार्ग पर पिकअप अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गई। इसके बाद गाड़ी से उतरकर बदमाशों ने पुलिस पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। सरायमीर थानाध्यक्ष भुवनेश कुमार चौबे और सर्विलांस टीम की जवाबी कार्रवाई में दिलशाद के पैर में गोली लगी। घायल तस्कर को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी फूलपुर ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों दिलशाद उर्फ करिया उर्फ कोट्टा, सलमान व अन्य के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाता था। यह गिरोह दिन के समय व्यापारी बनकर गांवों में घूमता था और पशुओं की रेकी करता था। रात में मौका देखकर पिकअप में पशु लादकर फरार हो जाते थे। पहचान छिपाने के लिए पिकअप गाड़ी का असली नंबर UP 62 BT 4388 बदलकर UP 62 BY 4388 कर दिया गया था।

इस सफल कार्रवाई से सरायमीर के नरदह चक से 1 नवंबर को चोरी हुई भैंस, दीदारगंज के आदममऊ से 3 नवंबर को चोरी हुई भैंस, अहरौला के बनकट से 30 अक्टूबर को चोरी हुई बकरी और बरदह क्षेत्र से हुई पशु चोरी का सफल खुलासा हुआ है। बरामद पशुओं की पीड़ितों द्वारा पहचान भी कर ली गई है। पुलिस अब फरार चल रहे अन्य बदमाशों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

आजमगढ़ पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई और तस्करों पर कसे शिकंजे को आप कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।

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