Sat, Nov 7, 2026 Updated 02:57 PM IST
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आजमगढ़: बूढ़ापुर बदल में उमड़ा पशुपालकों का सैलाब, 530 पशुओं का हुआ “मुफ्त इलाज”, विशेषज्ञों ने दिए कमाई बढ़ाने के मंत्र

2 weeks पहले

आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स): जिले के फूलपुर विकासखंड अंतर्गत बूढ़ापुर बदल गांव में पशुपालन विभाग की सक्रियता से पशुपालकों के चेहरे खिल उठे। यहाँ आयोजित एक विशाल पशु चिकित्सा शिविर में न केवल पशुओं का उपचार किया गया, बल्कि ग्रामीणों को आधुनिक पशुपालन के गुर भी सिखाए गए। इस शिविर का उद्घाटन मंडल अध्यक्ष रत्नेश बिन्द द्वारा किया गया, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय पशुपालक अपने मवेशियों के साथ पहुंचे।

आंकड़ों की बात करें तो इस एक दिवसीय शिविर में कुल 530 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। इस दौरान पशुपालकों को विभाग की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ताकि वे अपनी आय में वृद्धि कर सकें।

शिविर को संबोधित करते हुए फूलपुर के उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. अनिल ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करें। वहीं, पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आलोक सिंह पालीवाल ने पशुओं में होने वाली बीमारियों के लक्षण, प्राथमिक उपचार और घरेलू नुस्खों के बारे में बताया। उन्होंने पशुओं के संतुलित खानपान, स्वच्छता और समय पर टीकाकरण की अनिवार्यता पर विशेष जोर दिया।

टैगिंग से मिलेगी सरकारी योजनाओं की चाबी
मार्टिनगंज के पशुचिकित्साधिकारी डॉ. अजय श्रीवास्तव ने पशुओं में “टैगिंग” के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि टैगिंग के माध्यम से पशुओं की विशिष्ट पहचान सुनिश्चित होती है, जो भविष्य में बीमा और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अनिवार्य है।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मोहम्मद शेख गुलज़ार और जिला ग्राम प्रधान बीरेंद्र यादव “भूषण” सहित विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बेजुबानों को बेहतर चिकित्सा मुहैया कराना और पशुपालकों को जागरूक कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना था।

आजमगढ़ टाइम्स की राय: पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे शिविर न केवल पशुओं की जान बचाते हैं बल्कि किसानों को समृद्ध भी बनाते हैं।

पाठकों से सवाल: क्या आपके क्षेत्र में भी समय-समय पर ऐसे पशु चिकित्सा शिविर आयोजित होते हैं? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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