आजमगढ़ टाइम्स नेटवर्क: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) को लेकर आजमगढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। रविवार को जिले भर के 30 परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा घेरे और कड़ी निगरानी के बीच पहली पाली की परीक्षा संपन्न कराई गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा की सूचिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
नकल माफिया और धांधली पर नकेल कसने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर और हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं। केंद्रों के प्रवेश द्वार से लेकर परीक्षा कक्षों तक पल-पल की हलचल पर नजर रखी जा रही है। रविवार को पहली पाली की परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से दो घंटे पहले ही अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। मुख्य द्वार पर गहन तलाशी अभियान के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर प्रवेश दिया गया, जबकि परीक्षा शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले केंद्रों के गेट पूरी तरह बंद कर दिए गए।
शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से परीक्षा आयोजित कराने के लिए जिला प्रशासन ने पर्याप्त संख्या में सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मुस्तैदी सुनिश्चित की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा की प्रत्येक पाली में कुल 13,344 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित हुई, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित की गई है।
उल्लेखनीय है कि आजमगढ़ में यह परीक्षा प्रक्रिया 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को कुल छह पालियों में आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन का दावा है कि फूलप्रूफ सुरक्षा तंत्र के चलते परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में कराई जा रही है।
आजमगढ़ के पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि जैमर, बायोमेट्रिक और सीसीटीवी जैसी सख्त प्रशासनिक व्यवस्थाओं से उत्तर प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल माफिया पर पूरी तरह लगाम लग पाएगी? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
