आजमगढ़। जिले के शहरी इलाकों में बदहाली और उपेक्षा का शिकार पड़े पार्कों के दिन अब बहुत जल्द बहुरने वाले हैं। प्रदेश सरकार की “उपवन योजना” के तहत आजमगढ़ जिले के तीन प्रमुख नगर निकायों को पार्कों के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण के लिए कुल 4.5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट जारी किया गया है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद स्थानीय निकायों ने धरातल पर काम शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है।
जारी हुए बजट में सबसे बड़ा हिस्सा नगर पालिका परिषद आजमगढ़ को मिला है, जिसके खाते में 2.5 करोड़ रुपये आए हैं। इसके अलावा जीयनपुर नगर पंचायत और महराजगंज नगर पंचायत को 1-1 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस बजट के मिलने से पिछले काफी समय से अधूरे पड़े और उपेक्षित पार्कों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जग गई है।
दो साल से अधूरा पड़ा था सिधारी पार्क का निर्माण
नगर पालिका परिषद आजमगढ़ क्षेत्र के सिधारी में स्थित 1.04 हेक्टेयर के पार्क का कायाकल्प इस योजना का मुख्य केंद्र होगा। इस पार्क का निर्माण कार्य आजमगढ़ विकास प्राधिकरण (ADA) ने 20 जनवरी 2023 को 1.25 करोड़ रुपये की लागत से शुरू कराया था। लेकिन प्राधिकरण ने बाउंड्री वॉल, दो बड़े गेट और पाथवे का आधा-अधूरा काम करवाकर काम ठप कर दिया था। पिछले दो सालों से यह पार्क अधर में लटका हुआ था।
अब उपवन योजना के तहत नगर पालिका को मिले 2.5 करोड़ रुपये से इस अधूरे पार्क को पूरा चमकाया जाएगा। पार्क में जॉगिंग के लिए पाथवे, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, ओपन जिम, बच्चों के लिए रंग-बिरंगे झूले, बैठने के लिए सीमेंटेड कुर्सियां, अंग्रेजी घास, पौधारोपण और आम जनता के लिए शुद्ध पेयजल (प्याऊ) का प्रबंध किया जाएगा।
जीयनपुर और महराजगंज में भी तैयार हो रहे प्रस्ताव
सिधारी के अलावा जीयनपुर और महराजगंज नगर पंचायतों में भी 1-1 करोड़ रुपये की धनराशि से पार्कों की सूरत बदली जाएगी। निकाय प्रशासन जन आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की सूची और प्रस्ताव तैयार करवा रहा है, ताकि शहरी इलाकों में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मामले की जानकारी देते हुए नगर पालिका आजमगढ़ के अधिशासी अधिकारी (EO) डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि उपवन योजना की धनराशि से सिधारी पार्क में हरियाली, ओपन जिम, झूले और जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे शहरवासियों को परिवार के साथ बेहतरीन समय बिताने की जगह मिल सके।
क्या आपको लगता है कि पार्कों के बनने और सजने के बाद स्थानीय निकाय इनके नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी सही ढंग से निभा पाएंगे? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!
