आजमगढ़। जिला प्रशासन ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब आजमगढ़ के ग्रामीणों को अपने परिवार यानी “कुटुंब रजिस्टर” की प्रमाणित नकल के लिए ब्लॉक या तहसील के चक्कर काटकर अपना समय और पैसा बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। डिजिटलाइजेशन के इस दौर में अब यह बेहद जरूरी दस्तावेज सीधे आपके मोबाइल और कंप्यूटर पर उपलब्ध होगा।
मिली जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ में परिवार रजिस्टरों के पूरी तरह से डिजिटल होने के बाद अब कोई भी ग्रामीण घर बैठे “ई-डिस्ट्रिक्ट यूपी” (e-District UP) या “ई-साथी” (e-Saathi) पोर्टल के माध्यम से प्रमाणित नकल प्राप्त कर सकता है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल लोगों का काम आसान होगा, बल्कि सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता भी आएगी।
जानिए क्या है आवेदन की पूरी प्रक्रिया:
इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को सबसे पहले पोर्टल पर जाकर “सिटीजन लॉगिन” के जरिए अपना पंजीकरण करना होगा। इसके बाद “कुटुंब रजिस्टर की नकल” के विकल्प को चुनकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदन प्रक्रिया के दौरान परिवार के मुखिया का नाम, पूरा पता, परिवार के सदस्यों की संख्या, आधार कार्ड नंबर और कुछ अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
सत्यापन के बाद मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट:
पोर्टल पर आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा तथ्यों का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा। जैसे ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी, आवेदक अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से परिवार रजिस्टर की “डिजिटल प्रमाणित नकल” डाउनलोड कर सकेगा। बताया जा रहा है कि यह डिजिटल कॉपी पूरी तरह से वैध होगी और सभी सरकारी व गैर-सरकारी कार्यों में मान्य होगी।
आजमगढ़ टाइम्स की विशेष टिप्पणी: तकनीक के इस बेहतरीन इस्तेमाल से आम आदमी को सरकारी दफ्तरों की लालफीताशाही और बिचौलियों के चंगुल से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना यह है कि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुंच और जागरूकता इस सुविधा को कितनी जल्दी जन-जन तक पहुँचाती है।
आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन होने से ब्लॉक और तहसीलों में होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी? हमें कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं।
