आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता अपनी बेटी की मौत के बाद अब इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। निजामाबाद थाना क्षेत्र के वजीरमलपुर गांव में करीब एक महीने पहले हुई विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पीड़ित पिता का “आरोप है” कि पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे आरोपी अब उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए धमका रहे हैं।
पूरा मामला तहबरपुर थाना क्षेत्र के जमाल काजी गांव से जुड़ा है। यहां के निवासी हरिराम यादव ने अपनी बेटी प्रतिमा उर्फ अंतिमा की शादी निजामाबाद के वजीरमलपुर निवासी संदीप के साथ की थी। हरिराम यादव का “कथित तौर पर” आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। “आरोप है कि” दहेज की मांग पूरी न होने पर करीब एक माह पूर्व उनकी बेटी की हत्या कर दी गई।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल?
घटना के बाद पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पीड़ित पिता ने डीआईजी (DIG) को सौंपे पत्र में “दावा किया” है कि फरार आरोपी उन पर लगातार सुलह करने और मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोपियों की धमकियों से पूरा परिवार दहशत में है। पीड़ित का कहना है कि अगर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो कोई भी अनहोनी हो सकती है।
डीआईजी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि आजमगढ़ पुलिस इन रसूखदार आरोपियों को कब तक सलाखों के पीछे भेज पाती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।
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