आजमगढ़। जनपद के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में एक बार फिर बड़े स्तर पर शादियों का आयोजन होने जा रहा है। आगामी 3 नवंबर को आजमगढ़ में भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 333 जोड़े एक-दूसरे का हाथ थामेंगे।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, शासन ने इस वित्तीय वर्ष के लिए आजमगढ़ जनपद को कुल 1,588 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य दिया था। इस लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,255 जोड़ों का विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है। अब बचे हुए 333 जोड़ों के लिए 3 नवंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।
इन वर्गों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के वे सभी परिवार आवेदन कर सकते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र परिवारों को 27 अक्टूबर तक हर हाल में आवेदन करना होगा।
“पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर चयन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त होने वाले आवेदनों का सत्यापन कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस योजना का लाभ “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा। यानी जो परिवार पहले आवेदन करेंगे और जांच में पात्र पाए जाएंगे, उन्हें ही इस सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
आजमगढ़ टाइम्स की अपील: अगर आपके आस-पास कोई ऐसा जरूरतमंद परिवार है जिसकी बेटी की शादी धन के अभाव में रुकी है, तो उन्हें इस सरकारी योजना की जानकारी जरूर दें ताकि समय रहते आवेदन किया जा सके।
पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना” से समाज में दहेज जैसी कुप्रथा पर लगाम लग रही है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
