आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जनपद के मुहम्मदपुर ब्लॉक क्षेत्र में विकास कार्यों में कथित लीपापोती का एक बड़ा मामला सामने आया है। छाऊ से परशुरामपुर तक जाने वाली लगभग 3 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क की मरम्मत में घटिया सामग्री और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने जारी निर्माण कार्य को मौके पर ही रुकवा दिया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जनहित के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से इस मार्ग का सुदृढ़ीकरण और मरम्मत कार्य कराया जा रहा था। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान डामर की मात्रा बेहद कम रखी जा रही थी और इस्तेमाल की जा रही गिट्टी भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी। काम में लापरवाही की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र यादव ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए काम बंद करा दिया।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि “यदि सड़क का निर्माण तय मानकों के हिसाब से नहीं हुआ, तो यह कुछ ही दिनों में फिर से बदहाल हो जाएगी और जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी।” विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधान हरिश्चंद्र यादव के साथ रोशनलाल, रोहित सिंह, संदीप प्रजापति, रवि सरोज, फेंकू चौहान, रामाश्रय, सूर्यभान, धीरज, राहुल अस्थाना, परविंद एडवोकेट, संदीप सिंह, सिधारी राम, दयाराम, त्रिभुवन और बहादुर सरोज समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।
सड़क का काम रुकने और ग्रामीणों के बढ़ते विरोध की खबर मिलते ही पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा ने मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से टेलीफोन पर वार्ता की और गुणवत्ता में कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई। डॉ. विश्वकर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत का कार्य हर हाल में शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप ही कराया जाए।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपको लगता है कि सरकारी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए ग्रामीणों का इस तरह सड़क पर उतरकर विरोध करना सही कदम है? अपने इलाके की सड़कों का हाल और अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!
