आजमगढ़ टाइम्स (डिजिटल डेस्क): मुबारकपुर थाना क्षेत्र के गुजरपार बाजार में सड़क हादसे के बाद जमकर उपद्रव करने, खाकी के साथ धक्का-मुक्की करने और पथराव करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने मामले में वांछित चल रहे तीन आरोपियों को मंगलवार, 27 अक्टूबर को उनके ही घर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोविन्द, विजय कुमार और नागेन्द्र यादव के रूप में हुई है। यह तीनों आरोपी मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गुजरपार के ही निवासी हैं।
क्या था पूरा मामला?
घटना बीती 13 अक्टूबर 2026 की है, जब गुजरपार बाजार में एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस हादसे में एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें आई थीं। हादसे से भड़के स्थानीय लोगों और कुछ अराजक तत्वों ने गुजरपार बाजार चौराहे पर इकट्ठा होकर मुबारकपुर-जीयनपुर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया था।
पुलिस पर पथराव और बदसलूकी का आरोप
आरोप है कि जब मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, तो भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू कर दी। बात यहीं खत्म नहीं हुई, आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर भी चलाए। इस हिंसक चक्काजाम के कारण सड़क पर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस और यात्रियों से भरी बसों समेत सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई थीं, जिससे आम जनता को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
कानूनी शिकंजा और गिरफ्तारी
इस बवाल को लेकर मुबारकपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 369/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और 7 सीएलए (CLA) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। वांछित अभियुक्तों की तलाश में उपनिरीक्षक प्रदीप वाजपेयी ने पुलिस बल के साथ घेराबंदी कर मंगलवार को तीनों आरोपियों को उनके गांव गुजरपार से ही गिरफ्तार कर जेल भेजने की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
आपकी राय: सड़क हादसे के बाद न्याय की मांग के नाम पर चक्काजाम करना, एम्बुलेंस रोकना और पुलिस पर पथराव करना कितना जायज है? क्या ऐसे उपद्रवियों पर और भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
