आजमगढ़ टाइम्स (डिजिटल डेस्क): जिले के पवई शिक्षा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला और नौनिहालों की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। यहां के इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय गुमकोठी में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बच्चों को परोसी गई मिड-डे मील की दाल में कथित तौर पर छिपकली मिली। थाली में छिपकली देखते ही बच्चों के हाथ ठिठक गए और पूरे स्कूल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, इस विद्यालय में कुल 103 बच्चे नामांकित हैं। मंगलवार को निर्धारित मीनू के मुताबिक बच्चों के लिए दाल-चावल पकाया गया था। आरोप है कि स्कूल प्रशासन और रसोइया की लापरवाही के चलते बिना भोजन की गुणवत्ता जांचे ही इसे बच्चों को परोस दिया गया। खाना खाते समय जैसे ही एक बच्चे की नजर अपनी थाली की दाल में पड़ी छिपकली पर गई, उसने तुरंत इसकी जानकारी दी। इसके बाद शिक्षामित्र छगनलाल ने तत्परता दिखाते हुए फौरन भोजन वितरण रुकवाया और खाना हटवा दिया।
घटना की भनक लगते ही ग्राम प्रधान दिनेश यादव मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई से डॉक्टरों की टीम को बुलाया। स्वास्थ्य टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया। गनीमत यह रही कि सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ पाए गए, जिसके बाद विद्यालय प्रशासन और डरे-सहमे अभिभावकों ने राहत की सांस ली। इसके बाद अभिभावक अपने बच्चों को घर ले गए।
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने इसे “अत्यंत गंभीर और अक्षम्य लापरवाही” करार दिया है। उन्होंने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुनीता यादव को संबंधित रसोइया के खिलाफ तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील की जांच के लिए और सख्त नियम बनाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो? अपनी राय नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें।
