Sun, Nov 8, 2026 Updated 03:46 PM IST
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आजमगढ़: मेंहनगर में लेखपाल की “साहबी” से जनता बेहाल, नियम ताक पर रखकर आय प्रमाण पत्र में अड़ा रहे रोड़ा!

1 week पहले

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेंहनगर तहसील क्षेत्र से सरकारी तंत्र की मनमानी की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तहसील के करौती गांव में तैनात हल्का लेखपाल पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल की कथित “हठधर्मी” की वजह से उन्हें आय प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेजों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला?

करौती गांव के निवासियों का आरोप है कि जब वे आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते हैं, तो लेखपाल कथित तौर पर “परिवार रजिस्टर की नकल” न होने का बहाना बनाकर उनके प्रार्थना पत्रों पर आपत्ति (Objection) लगा देते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि लेखपाल की इस कार्यशैली के कारण छात्रों की छात्रवृत्ति फंसी हुई है और किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। तहसील के चक्कर काट-काटकर ग्रामीण अब थक चुके हैं।

नियमों की सरेआम अनदेखी!

हैरानी की बात यह है कि इस मामले में जब उच्चाधिकारियों से जानकारी ली गई, तो उनका रुख स्पष्ट था। अधिकारियों के अनुसार, आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल की कोई कानूनी या अनिवार्य आवश्यकता नहीं है। बावजूद इसके, लेखपाल द्वारा नियमों की अपनी तरह से व्याख्या करना और जनता को परेशान करना स्थानीय प्रशासन की साख पर सवाल खड़े कर रहा है।

शिकायत के बाद भी ढाक के तीन पात

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों के दरवाजे खटखटाए और लिखित शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि कार्रवाई न होने से लेखपाल के हौसले बुलंद हैं और वह अपनी मनमानी जारी रखे हुए हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है और पीड़ित ग्रामीणों को राहत मिलती है या नहीं।

आपकी राय: क्या आपके इलाके में भी सरकारी कर्मचारी कागजी कार्रवाई के नाम पर आपको परेशान करते हैं? अपनी समस्या और सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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