Fri, Nov 6, 2026 Updated 07:18 PM IST
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आजमगढ़: 2 फुट की बुनियाद पर खड़ा था 25 फुट का खंभा! बिलरियागंज में “विकास” की पोल खुली, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

5 days पहले

आजमगढ़। जनपद के बिलरियागंज ब्लॉक अंतर्गत मल्लूपुर ग्राम सभा से विकास कार्यों में कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ लाखों की लागत से लगाई गई एक “सेमी मास्टर लाइट” तेज हवा का एक झोंका भी सहन नहीं कर सकी और धराशायी हो गई। इस घटना ने न केवल निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मल्लूपुर गांव में यह सेमी मास्टर लाइट ब्लॉक प्रमुख श्रीमती उर्मिला रमेश यादव के सौजन्य से लगवाई गई थी। ग्रामीणों का “कथित तौर पर” आरोप है कि इस ऊंचे खंभे को खड़ा करने में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। ग्रामीणों ने दावा किया कि जो खंभा करीब 20 से 25 फुट ऊंचा था, उसकी बुनियाद (फाउंडेशन) को जमीन के भीतर मात्र 2 फुट गहरा बनाया गया था। यही कारण रहा कि मामूली हवा चलते ही खंभा अपनी जगह छोड़ गया और जमीन पर आ गिरा।

दो महीने से अंधेरे में ग्रामीण, विभाग बेपरवाह
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह लाइट करीब दो महीने पहले गिरी थी। घटना के बाद विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे और लाइट को खोलकर अपने साथ ले गए, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि दो महीने बीत जाने के बाद भी इसे दोबारा नहीं लगाया गया। सार्वजनिक स्थान पर लगी यह लाइट रात के समय राहगीरों और ग्रामीणों के लिए सुरक्षा का बड़ा जरिया थी, जिसके न होने से अब इलाके में अंधेरा पसरा रहता है।

कार्रवाई की उठ रही मांग
मल्लूपुर के ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मांग की है कि इस लाइट को तत्काल प्रभाव से दोबारा लगवाया जाए। साथ ही, उन्होंने इस घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नींव मजबूत होती, तो सरकारी धन की इस तरह बर्बादी न होती।

क्या आपको लगता है कि सरकारी प्रोजेक्ट्स में इस तरह की लापरवाही के लिए सीधे तौर पर ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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