आजमगढ़। फूलपुर तहसील के माहुल नगर पंचायत स्थित रौजा मोहल्ले में शनिवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब वक्फ बोर्ड की जमीन पर चहारदीवारी बनाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने फिलहाल निर्माण कार्य को पूरी तरह रुकवा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रौजा मोहल्ले में स्थित गाटा संख्या 981 और 982 राजस्व अभिलेखों में वक्फ बोर्ड की जमीन के रूप में दर्ज है, जबकि गाटा संख्या 983 कब्रिस्तान की भूमि है। आरोप है कि गौहर हसन, सैफ अब्बास रिजवी, अली हसन और रिजवान द्वारा कब्रिस्तान के पूर्वी छोर पर चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा था।
मुतवल्ली ने की शिकायत
वक्फ बोर्ड की जमीनों के मुतवल्ली सरवत मेहदी ने इस निर्माण को पूरी तरह “अवैध” करार दिया है। उन्होंने फूलपुर के उपजिलाधिकारी निकेत वर्मा से शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक कृष्ण कुमार यादव, लेखपाल मधुसूदन मिश्र, माहुल चौकी प्रभारी यश सिंह पटेल और उपनिरीक्षक श्याम कुमार दुबे मय फोर्स मौके पर पहुंचे।
पैमाइश तक काम बंद
राजस्व निरीक्षक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि मुतवल्ली सरवत मेहदी उक्त जमीन पर अपना दावा जता रहे हैं, जिसके चलते मौके पर विवाद की स्थिति पैदा हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राजस्व टीम ने पैमाइश (जमीन की नपाई) पूरी होने तक निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। प्रशासन का कहना है कि पैमाइश रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि सरकारी जमीनों और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अवैध कब्जे के मामलों में प्रशासन को और भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
