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आजमगढ़: विसर्जन में “डीजे कॉम्पटीशन” कराना पड़ा भारी! खाकी से उलझने वाले 10 आयोजकों और डीजे संचालकों पर तगड़ा एक्शन

1 week पहले

आजमगढ़ टाइम्स (डेस्क): आजमगढ़ जिले के माहुल कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नियम-कायदों को ताक पर रखकर तेज आवाज में डीजे बजाना और पुलिस से उलझना आयोजकों व डीजे संचालकों को भारी पड़ गया है। शासन और प्रशासन की सख्त हिदायतों के बावजूद कानून की धज्जियां उड़ाने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए 5 आयोजकों और 5 डीजे संचालकों समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 28 अक्टूबर को माहुल कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस निकाला जा रहा था। आरोप है कि इस दौरान पूजा आयोजकों ने कई डीजे संचालकों को बुलाकर उनके बीच आपस में ही तेज आवाज की “डीजे प्रतियोगिता” शुरू करवा दी। कानफोड़ू आवाज के कारण इलाके के बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात उपनिरीक्षक यश सिंह पटेल और उनकी पुलिस टीम ने जब रात करीब 10:20 बजे कुरैशी चौक के पास ध्वनि मानकों का हवाला देते हुए डीजे की आवाज कम करने की हिदायत दी, तो आरोपी कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से ही उलझ गए और विवाद करने लगे।

मामले की संवेदनशीलता और शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाई और अतिरिक्त बल की मौजूदगी में प्रतिमा विसर्जन संपन्न कराया। पुलिस प्रशासन ने साक्ष्य जुटाने और निष्पक्ष कार्रवाई के लिए पूरे घटनाक्रम की बाकायदा वीडियोग्राफी भी कराई है। मामले में पुलिस ने आयोजक आशु जायसवाल, अमरजीत निषाद, सनोज सोनकर, अजय बिंद और आनंद अग्रहरि को नामजद किया है। वहीं डीजे संचालक मूलचंद्र यादव, अजय, विजय, सागर और धर्मेंद्र के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इनके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285, 289, 292, 293 सहित ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने और शांति व्यवस्था में खलल डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।

आपकी क्या राय है? क्या त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के नाम पर देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाना और प्रतियोगिता कराना सही है? क्या पुलिस की इस कार्रवाई से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगेगी? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर दर्ज करें।

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