आजमगढ़: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक शातिर जालसाज को आजमगढ़ पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। मंडलीय उप निदेशक (पंचायत) कार्यालय के नाम पर कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र और कूट रचित सरकारी आदेश जारी करने वाले इस आरोपी को सिधारी थाना पुलिस ने एक सटीक घेराबंदी के दौरान गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ मंडल के उप निदेशक (पंचायत) कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक सुनील कुमार सिंह ने इस बड़े फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपी ने विभाग के नाम और मुहर का गलत इस्तेमाल कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए और लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 443/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत केस दर्ज किया था।
होमगार्ड ग्राउंड के पास से हुई गिरफ्तारी
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, सिधारी पुलिस को शनिवार, 31 अक्टूबर को बड़ी कामयाबी मिली। उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह की टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी रितेश मणि त्रिपाठी (46) को होमगार्ड ग्राउंड के पास से दबोच लिया।
कुशीनगर का रहने वाला है आरोपी
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी रितेश मणि त्रिपाठी मूल रूप से कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र (सवायां टोला मउववा) का रहने वाला है। वर्तमान में वह सिधारी थाना क्षेत्र में कमिश्नरी कार्यालय के ठीक सामने ठिकाना बनाकर रह रहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस खेल में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
सावधान रहें: ‘आजमगढ़ टाइम्स’ अपने पाठकों से अपील करता है कि किसी भी विभाग में नियुक्ति पत्र मिलने पर उसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित कार्यालय से जरूर करें। दलालों और फर्जी नियुक्ति पत्रों के झांसे में न आएं।
पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि सरकारी नौकरियों के नाम पर होने वाली ऐसी धोखाधड़ी को रोकने के लिए प्रशासन को और कड़े कदम उठाने चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
