आजमगढ़: जनपद में बिना पंजीकरण के धड़ल्ले से संचालित हो रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अब “सर्जिकल स्ट्राइक” शुरू कर दी है। शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ की अगुवाई में हुई ताबड़तोड़ छापेमारी से अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के दौरान बिलरियागंज और बिंद्रा बाजार क्षेत्र के दो अस्पतालों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि तीन अन्य अस्पतालों को नोटिस थमाकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहनलाल और पटल सहायक धीरेंद्र शुक्ल की टीम ने सबसे पहले बिलरियागंज स्थित “श्री साईंनाथ चाइल्ड केयर” पर छापा मारा। जांच के दौरान यह अस्पताल पूरी तरह अपंजीकृत पाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी वैध लाइसेंस के यहाँ 5 बेड का नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) चलाया जा रहा था। छापेमारी के वक्त एक मासूम मरीज वहां भर्ती मिला, जिसकी सुरक्षा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उसे तत्काल राजकीय चिकित्सालय में शिफ्ट कराया और अस्पताल को सील कर दिया।
कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं रुका। टीम ने बिलरियागंज के ही “जनसेवा नर्सिंग होम” का निरीक्षण किया। यह संस्थान भी बिना किसी पंजीकरण के संचालित होता मिला। गनीमत रही कि निरीक्षण के समय वहां कोई मरीज भर्ती नहीं था, जिसके बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से नर्सिंग होम पर ताला जड़ दिया।
इन अस्पतालों पर भी गिरी गाज
डिप्टी सीएमओ ने बिलरियागंज के “सृष्टि चिकित्सालय” का भी रुख किया, जहाँ 5 बेड लगे मिले लेकिन मौके पर न तो संचालक मौजूद था और न ही कोई मरीज। इसके अलावा बिंद्रा बाजार स्थित “मां मुखराजी चिकित्सालय” और “रमा हड्डी अस्पताल” की भी जांच की गई। ये तीनों प्रतिष्ठान भी स्वास्थ्य विभाग के मानकों पर खरे नहीं उतरे और बिना पंजीकरण के चलते पाए गए। विभाग ने इन तीनों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कड़क कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले “झोलाछाप” और अवैध अस्पताल संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की इस सक्रियता से इलाके के अन्य अवैध संचालकों में भी खौफ का माहौल है।
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