Sat, Nov 7, 2026 Updated 11:59 AM IST
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आजमगढ़ में “मौत की दुकान” चलाने वालों पर कड़ा प्रहार: स्वास्थ्य विभाग ने 2 अस्पतालों को किया सील, 3 को थमाया नोटिस!

2 weeks पहले

आजमगढ़: जनपद में बिना रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहे अवैध निजी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अब अपना हंटर चला दिया है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) के निर्देश पर हुई इस बड़ी छापेमारी से जिले के झोलाछाप और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। बिलरियागंज और बिंद्रा बाजार क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में विभाग ने दो अस्पतालों को मौके पर ही सील कर दिया, जबकि तीन अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

आजमगढ़ टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा को लगातार अवैध अस्पतालों के संचालन की शिकायतें मिल रही थीं। इसी क्रम में उप मुख्य चिकित्साधिकारी और निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल व पटल सहायक धीरेन्द्र शुक्ल की टीम ने क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान इन अस्पतालों के पास संचालन के लिए कोई वैध दस्तावेज या पंजीकरण नहीं पाया गया।

बिलरियागंज में NICU के नाम पर खिलवाड़: स्वास्थ्य विभाग की टीम जब बिलरियागंज स्थित “श्री साईंनाथ चाइल्ड केयर” पहुंची, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। बिना किसी पंजीकरण के यहां 5 बेड का नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान वहां एक मासूम मरीज भर्ती मिला। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीम ने तत्काल मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराया और अस्पताल को सील कर दिया। इसी क्षेत्र में “जनसेवा नर्सिंग होम” भी बिना पंजीकरण के चलता मिला, जिसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

बिंद्रा बाजार के अस्पतालों पर भी गिरी गाज: टीम ने बिंद्रा बाजार स्थित “मां मुखराजी चिकित्सालय” और “रमा हड्डी अस्पताल” की भी सघन जांच की। कथित तौर पर ये दोनों प्रतिष्ठान भी बिना किसी वैध कागजात के मरीजों का इलाज कर रहे थे। विभाग ने इन दोनों को नोटिस थमाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा, बिलरियागंज के “सृष्टि चिकित्सालय” में भी 4-5 बेड लगे मिले, लेकिन मौके पर न तो कोई डॉक्टर मिला और न ही संचालक। इस अस्पताल को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपको लगता है कि सिर्फ अस्पताल सील करना काफी है या इन संचालकों पर सख्त कानूनी मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेजा जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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