Sun, Nov 8, 2026 Updated 06:37 AM IST
अपना इलाका

आजमगढ़ की 12 बेटियों से नौकरी के नाम पर छल: शाहजहांपुर बुलाकर बनाया बंधक, कराया झाड़ू-पोंछा! 6 ठगों पर दर्ज हुई FIR

2 hours पहले

आजमगढ़। नौकरी का सुनहरा सपना दिखाकर आजमगढ़ की बेटियों को छलने का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। रोजगार का झांसा देकर जिले की 12 युवतियों को शाहजहांपुर बुलाया गया और कथित तौर पर उन्हें बंधक बनाकर झाड़ू-पोंछा और सफाई का काम कराया गया। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने और जिंदगी बर्बाद करने की धमकियां दी गईं। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक, आजमगढ़ के दोस्तपुर गांव निवासी खुशबू ने पुलिस को दी तहरीर में पूरी आपबीती सुनाई है। खुशबू के अनुसार, 2 फरवरी 2025 को “आशा एंटरप्राइजेज” नामक कंपनी से जुड़ी अर्चना और गुंजा ने उन्हें फोन किया था। उन्होंने शाहजहांपुर स्थित दफ्तर में नौकरी दिलाने और 30 हजार रुपये महीना वेतन देने का लालच दिया। पुरानी पहचान होने के कारण खुशबू झांसे में आ गईं। शाहजहांपुर पहुंचने पर कथित तौर पर साक्षात्कार के नाम पर चंद्रभान सिंह नाम के व्यक्ति ने उनसे 20 हजार रुपये भी ऐंठ लिए।

आरोप है कि इसके बाद चंद्रभान, रमेश चंद्र यादव, अभिषेक कुमार, गुंजा, रमिता और अर्चना ने मिलकर साक्षात्कार की औपचारिकता निभाई और उसी दिन से खुशबू समेत आजमगढ़ की 11 अन्य युवतियों को बंधक बना लिया। युवतियों से ऑफिशियल काम कराने के बजाय झाड़ू-पोंछा, नाली की सफाई और आरोपियों के कपड़े धुलवाने जैसा काम लिया जाने लगा। इतना ही नहीं, परिजनों से बात करते वक्त फोन को हमेशा “हैंड्स-फ्री” पर रखवाया जाता था, ताकि बेटियां अपना दर्द बयां न कर सकें।

किसी तरह 7 अगस्त को अपने घर वापस लौटने के बाद बेटियों ने हिम्मत जुटाई और परिजनों को पूरी सच्चाई बताई। इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि पीड़ित युवतियों (जिनमें खुशबू, निधि गौर, पूजा यादव, अंजलि चौहान, सपना कुमारी, कुसुम राजभर, प्रीतिमा प्रजापति, सरेमा और प्रीति शामिल हैं) की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, उत्पीड़न और एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।

आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर इस तरह का फर्जीवाड़ा करने वाले ठगों और फर्जी कंपनियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन को क्या सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दर्ज करें!

ऐप खोलें