Sat, Nov 7, 2026 Updated 12:39 PM IST
अपना इलाका

आजमगढ़ की गोशालाओं में “तीसरी आंख” का पहरा: AI कैमरों से होगी सीधी निगरानी, लापरवाही की तो तुरंत बजेगा सायरन!

2 weeks पहले

आजमगढ़: जनपद की गोशालाओं में अब गोवंशों की सुरक्षा और देखरेख में कोताही बरतने वालों की खैर नहीं है। जिला प्रशासन ने अब गोशालाओं के प्रबंधन को पूरी तरह हाईटेक करने का फैसला लिया है। जिले की सभी 81 गोशालाओं की निगरानी अब जिला मुख्यालय स्थित आधुनिक कंट्रोल रूम से की जाएगी। इसके लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक सेंसरयुक्त AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरे लगाए जा रहे हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इन कैमरों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि ये केवल रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे, बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कर्मचारियों की लापरवाही दिखने पर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देंगे। इन कैमरों की फुटेज को कम से कम एक महीने (30 दिन) तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि किसी भी शिकायत की स्थिति में पारदर्शिता के साथ जांच की जा सके और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो सके।

9 हजार से अधिक गोवंशों की होगी डिजिटल सुरक्षा
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, आजमगढ़ के इन 81 गो आश्रय स्थलों में 9,000 से अधिक पशु संरक्षित हैं। सरकार द्वारा हर गोवंश के लिए प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से चारा सहायता राशि दी जा रही है। अब इन पैसों का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं, पशुओं को समय पर चारा-पानी मिल रहा है या नहीं और साफ-सफाई की क्या स्थिति है—इन सब पर जिला मुख्यालय से बैठे-बैठे नजर रखी जाएगी। स्टाफ की उपस्थिति दर्ज करने के लिए भी यह तकनीक कारगर साबित होगी।

तकनीकी सर्वे का काम शुरू
इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए जिले की सभी गोशालाओं का तकनीकी सर्वे कराया जा रहा है। हालांकि, कुछ गोशालाओं में पहले से कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन वे स्थानीय स्तर पर ही काम करते थे। अब उन सभी को एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम (कंट्रोल रूम) से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि जिले की अधिकतर गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम तेजी से चल रहा है। इन्हें सीधे कंट्रोल रूम से लिंक किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था के लागू होने के बाद गोवंशों की निगरानी और भी बेहतर और पारदर्शी हो जाएगी।

आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपको लगता है कि सीसीटीवी और AI कैमरों की निगरानी से गोशालाओं की जमीनी हकीकत बदलेगी? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

ऐप खोलें