Sun, Nov 8, 2026 Updated 03:44 PM IST
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आजमगढ़ में सिस्टम का बेदर्द चेहरा! अज्ञात वाहन की टक्कर से 10 घंटे सड़क पर तड़पती रही गाय, इलाज के बाद भी गौशाला नसीब नहीं

1 week पहले

आजमगढ़ टाइम्स: जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती एक दर्दनाक खबर निजामाबाद थाना क्षेत्र से सामने आई है। फरिहा के पास असीलपुर में लखनऊ-बलिया मार्ग पर एक अज्ञात वाहन की भीषण टक्कर से एक गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रशासनिक अनदेखी की हद तो यह रही कि यह बेजुबान गोवंश लगभग 10 घंटे से भी अधिक समय तक सड़क किनारे दर्द से तड़पता रहा, लेकिन जिम्मेदार महकमे की नींद घंटों बाद खुली।

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना फरिहा-सरायमीर मार्ग पर असीलपुर पेट्रोल पंप के पास की है। आशंका जताई जा रही है कि देर रात किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने गाय को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाय सड़क किनारे गिरकर लहूलुहान हो गई। सुबह जब राहगीरों और ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पशुपालन विभाग को दी।

मामले को लेकर पशु चिकित्सक डॉ. मनोज यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही डॉ. तुसार कुमार और ड्रेसर राहुल की टीम को मौके पर रवाना किया गया। टीम ने मौके पर पहुँचकर घायल गाय का प्राथमिक उपचार किया। डॉ. मनोज यादव का दावा है कि गाय की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे गौशाला भिजवाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाज किए जाने के लंबे समय बाद तक भी गाय सड़क किनारे ही असहाय अवस्था में पड़ी रही और उसे किसी सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुँचाया गया।

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने रानी की सराय के खंड विकास अधिकारी (BDO) और पुलिस को भी इस बाबत खबर दी थी। इसके बावजूद, मुख्य मार्ग पर 10 घंटे से ज्यादा समय तक गाय का यूं पड़े रहना पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि गोवंश सुरक्षा के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित क्यों रह जाते हैं?

आपकी राय: आजमगढ़ में गोवंश सुरक्षा के तमाम सरकारी दावों के बावजूद 10 घंटे तक घायल गाय का सड़क किनारे पड़े रहना किसकी लापरवाही है? क्या ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट करके जरूर दें।

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