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आजमगढ़ में सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा! होमगार्ड दफ्तर के डाकरनर पर लगा जाली जॉइनिंग लेटर बांटने का आरोप, एफआईआर दर्ज

1 week पहले

आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स): जिले में सरकारी नौकरी का झांसा देकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। मंडलीय उप निदेशक (पंचायती राज) कार्यालय के नाम से फर्जी संविदा नियुक्ति पत्र जारी करने के आरोप में जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय के एक कर्मचारी पर गाज गिरी है। सिधारी थाने की पुलिस ने मामले में आरोपी डाकरनर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, मंडलीय उप निदेशक (पंचायती राज) कार्यालय आजमगढ़ के नाम से गत 14 अक्तूबर 2026 को संविदा भर्ती से संबंधित एक फर्जी नियुक्ति आदेश जारी किया गया था। इस फर्जीवाड़े की पोल 22 अक्तूबर 2026 की शाम को खुली, जब नियुक्ति पत्र के क्रम संख्या 24 पर दर्ज अभ्यर्थी कु. साधना सीधे पंचायती राज कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि एक मोबाइल धारक व्यक्ति ने उन्हें यह नियुक्ति पत्र दिया था।

फर्जी नियुक्ति पत्र देखकर कार्यालय में हड़कंप मच गया। इसके बाद मंडलीय उप निदेशक अभय कुमार शाही ने 23 अक्तूबर को पूरे मामले की जानकारी संयुक्त विकास आयुक्त को दी। विभागीय स्तर पर जब गोपनीय छानबीन की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोप है कि अभ्यर्थियों को फर्जी नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने वाला शख्स जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय में डाकरनर के रूप में कार्यरत रितेश मणि त्रिपाठी है, जिसकी वर्तमान तैनाती रौनापार थाने में बताई जा रही है।

विभागीय जांच में मामला सही पाए जाने के बाद मंडलीय उप निदेशक (पंचायती राज) अभय कुमार शाही के निर्देश पर कार्यालय के कनिष्ठ सहायक सुनील कुमार सिंह ने सिधारी थाने में तहरीर दी। सिधारी थाना पुलिस ने 31 अक्तूबर 2026 को आरोपी रितेश मणि त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।

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सरकारी दफ्तरों में बैठकर युवाओं के साथ फर्जीवाड़ा करने वाले ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ क्या केवल एफआईआर काफी है या सेवा से बर्खास्तगी की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!

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